
शेखपुरा। एक शिक्षक परिवार पिछले तीन दिनों से अनशन पर बैठा हुआ है। गलत तरीके से बर्खास्तगी को लेकर इनमें गुस्सा है। अधिकारियों ने शिक्षक और उसके परिवार को समझाने की कोशिश की, लेकिन इसके बावजूद वो अनशन पर बैठ विरोध जता रहे हैं।
वहीं, दूसरे दिन अनशन पर बैठ शिक्षक के पिता 80 साल के अर्जुन सिंह की हालत बिगड़ गयी, जिसके बाद उन्हें रात में सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं शिक्षक उनकी पत्नी और बेटी अनशन स्थल पर ही बैठे हुए हैं।
बताया जा रहा है कि चेवाड़ा प्रखंड स्थित उत्क्रमित विद्यालय बेलखुंडी के शिक्षक रामललन कुमार को बर्खास्त कर दिया गया। जिसके बाद शिक्षा विभाग की मनमानी के खिलाफ शिक्षक अपने परिवार के सदस्यों अपने पिता, पत्नी शोभा देवी और बेटी ईशा कुमार के साथ अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठ गये।
इस आमरण अनशन का प्रारंभिक शिक्षक संघ ने मामले को तूल पकड़ा दिया है। रामललन कुमार उत्क्रमित
मध्य विद्यालय में शारीरिक शिक्षा के पद पर पदस्थापित थे। लेकिन एक वर्ष का शारीरिक प्रशिक्षण प्रमाण पत्र को अवैध घोषित करते हुए दिसंबर महीने में उन्हें बर्खास्त कर दिया गया। जबकि प्राथमिक शिक्षा निदेशालय के पूर्व आयुक्त मदन मोहन रॉय ने शारीरिक शिक्षकों के एक वर्ष के प्रशिक्षण प्रमाण पत्र को भी वैध करार दिया है।
वहीं, दूसरे दिन अनशन पर बैठ शिक्षक के पिता 80 साल के अर्जुन सिंह की हालत बिगड़ गयी, जिसके बाद उन्हें रात में सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं शिक्षक उनकी पत्नी और बेटी अनशन स्थल पर ही बैठे हुए हैं।
बताया जा रहा है कि चेवाड़ा प्रखंड स्थित उत्क्रमित विद्यालय बेलखुंडी के शिक्षक रामललन कुमार को बर्खास्त कर दिया गया। जिसके बाद शिक्षा विभाग की मनमानी के खिलाफ शिक्षक अपने परिवार के सदस्यों अपने पिता, पत्नी शोभा देवी और बेटी ईशा कुमार के साथ अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठ गये।
इस आमरण अनशन का प्रारंभिक शिक्षक संघ ने मामले को तूल पकड़ा दिया है। रामललन कुमार उत्क्रमित
मध्य विद्यालय में शारीरिक शिक्षा के पद पर पदस्थापित थे। लेकिन एक वर्ष का शारीरिक प्रशिक्षण प्रमाण पत्र को अवैध घोषित करते हुए दिसंबर महीने में उन्हें बर्खास्त कर दिया गया। जबकि प्राथमिक शिक्षा निदेशालय के पूर्व आयुक्त मदन मोहन रॉय ने शारीरिक शिक्षकों के एक वर्ष के प्रशिक्षण प्रमाण पत्र को भी वैध करार दिया है।
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