
क्या आपको पता है कि 6th पे के 5200-20200 ग्रेड पे 2000 के संगत वेतनमान 21700-69100 देने का मतलब ?
इसका सीधा मतलब है की आपको इस वेतनमान में कार्यरत राज्य कर्मियों के बिलकुल समान वेतन दिया जाएगा।
ज़रा सोंचिये 2015 के भीषण आंदोलन और हड़ताल के बाद भी जो सरकार 6th पे के 5200-20200ग्रेड पे 2000में राज्य कर्मी के बराबर हमें वेतन नहीं दिया वह हमें कैसे इतना आसानी से बिना किसी दबाव के 2017 में राज्य कर्मी के बराबर वेतन दे देगी।।।।
हाँ यह जरूर है कि हम और अन्य दूरदर्शी शिक्षक 2015 से ही इस बात को लगातार कहते रहे की वर्त्तमान वेतनमान विसंगति को दूर करने की कोशिश संघ करे मगर किसी ने ध्यान नहीं दिया फिर 7वें वेतन आयोग के गठन के बाद भी हमने एवं अन्य दूरदर्शी शिक्षक ने सभी संघ को इस बात को याद दिलाया कि सरकार पर दबाव बनाकर 6ठे वेतनमान में मिल रहे अपूर्ण वेतन को 7वें वेतनमान में पूर्ण करवा लिया जाए मगर संघ का दावा रहा की हम 9300-34800 पर ध्यान दे रहे हैं।भय्या मेरे समान काम समान वेतन हमेशा हमारी प्राथमिकता रहेगी लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं की अपने वर्तमान तात्कालिक गंभीर समस्याओं को नजरअंदाज कर दिया जाए।अब वही नेतानगण कह रहे हैं की हमें 7वें वेतनमान में 21700-69100मिलने जा रहा है ,,मजे की बात है कि बहुत से आम शिक्षक भी उन नेताओं की बात से सहमति जता रहे हैं।
वैसे हमारी भी दुआ है कि सरकार खुद से 7वें वेतनमान में हमारे इस वेतन विसंगति को दूर कर दे।लेकिन याद रखें अगर ऐसा होता है तो नियोजित शिक्षकों के इतिहास में पहला ऐसा मौक़ा होगा जब बिना मांगे बिना आंदोलन इतना बड़ा मांग पूरा हो जाएगा।
इसका सीधा मतलब है की आपको इस वेतनमान में कार्यरत राज्य कर्मियों के बिलकुल समान वेतन दिया जाएगा।
ज़रा सोंचिये 2015 के भीषण आंदोलन और हड़ताल के बाद भी जो सरकार 6th पे के 5200-20200ग्रेड पे 2000में राज्य कर्मी के बराबर हमें वेतन नहीं दिया वह हमें कैसे इतना आसानी से बिना किसी दबाव के 2017 में राज्य कर्मी के बराबर वेतन दे देगी।।।।
हाँ यह जरूर है कि हम और अन्य दूरदर्शी शिक्षक 2015 से ही इस बात को लगातार कहते रहे की वर्त्तमान वेतनमान विसंगति को दूर करने की कोशिश संघ करे मगर किसी ने ध्यान नहीं दिया फिर 7वें वेतन आयोग के गठन के बाद भी हमने एवं अन्य दूरदर्शी शिक्षक ने सभी संघ को इस बात को याद दिलाया कि सरकार पर दबाव बनाकर 6ठे वेतनमान में मिल रहे अपूर्ण वेतन को 7वें वेतनमान में पूर्ण करवा लिया जाए मगर संघ का दावा रहा की हम 9300-34800 पर ध्यान दे रहे हैं।भय्या मेरे समान काम समान वेतन हमेशा हमारी प्राथमिकता रहेगी लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं की अपने वर्तमान तात्कालिक गंभीर समस्याओं को नजरअंदाज कर दिया जाए।अब वही नेतानगण कह रहे हैं की हमें 7वें वेतनमान में 21700-69100मिलने जा रहा है ,,मजे की बात है कि बहुत से आम शिक्षक भी उन नेताओं की बात से सहमति जता रहे हैं।
वैसे हमारी भी दुआ है कि सरकार खुद से 7वें वेतनमान में हमारे इस वेतन विसंगति को दूर कर दे।लेकिन याद रखें अगर ऐसा होता है तो नियोजित शिक्षकों के इतिहास में पहला ऐसा मौक़ा होगा जब बिना मांगे बिना आंदोलन इतना बड़ा मांग पूरा हो जाएगा।
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