
सहरसा। सरकार एक तरफ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात हो रही है वहीं विद्यालयों में कार्यरत नियोजित शिक्षकों को छह माह से मानदेय का भुगतान नहीं हो रहा है।
जबकि अंगनगबाड़ी सेविकाओं को तो पिछले 18 माह से मानदेय का भुगतान नहीं हो पाया है। इस संबंध में मध्य विद्यालय सतरवार के शिक्षक पांडव पंडित, प्राथमिक विद्यालय बहरामपुर के शिक्षक धनंजय कुमार, मध्य विद्यालय कोठिया के शिक्षक अनोज कुमार, मध्य विद्यालय डुमरी के शिक्षक अजय प्रेम सहित अन्य का कहना है कि भूखे पेट कब शिक्षक दे पाएंगे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा वहीं आंगनबाड़ी केन्द्र की सेविका सीता देवी, कुमकुम देवी, असगरी खतुन सहित अन्य का कहना है कि एक तो सरकार तीन हजार के न्यूनतम मानदेय पर देती है वो भी जब 18 माह तक भुगतान नहीं किया गया है। जिससे कई समस्या का सामना करना पड़ता है।
जबकि अंगनगबाड़ी सेविकाओं को तो पिछले 18 माह से मानदेय का भुगतान नहीं हो पाया है। इस संबंध में मध्य विद्यालय सतरवार के शिक्षक पांडव पंडित, प्राथमिक विद्यालय बहरामपुर के शिक्षक धनंजय कुमार, मध्य विद्यालय कोठिया के शिक्षक अनोज कुमार, मध्य विद्यालय डुमरी के शिक्षक अजय प्रेम सहित अन्य का कहना है कि भूखे पेट कब शिक्षक दे पाएंगे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा वहीं आंगनबाड़ी केन्द्र की सेविका सीता देवी, कुमकुम देवी, असगरी खतुन सहित अन्य का कहना है कि एक तो सरकार तीन हजार के न्यूनतम मानदेय पर देती है वो भी जब 18 माह तक भुगतान नहीं किया गया है। जिससे कई समस्या का सामना करना पड़ता है।
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