
पटना| पटना विश्वविद्यालय में शिक्षकों और कर्मचारियों की सैलरी को ट्रेजरी से देने के फैसले से शिक्षक नाराज हैं। इस संबंध में पटना विवि शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. रणधीर कुमार सिंह ने कहा कि ट्रेजरी से सैलरी देने और विश्वविद्यालय के इंटरनल रिसोर्स पर रोक लगाना पटना विवि की ऑटोनोमी पर खतरा है।
पटना विवि में शिक्षकों और कर्मचारियों को सैलरी वक्त पर देने के लिए विवि प्रशासन इंटरनल रिसोर्स का इस्तेमाल करता रहा है और बाद में राज्य सरकार से फंड मिलने पर उसकी भरपाई हो जाती है। लेकिन अब राज्य सरकार के नए नियम से ऐसा नहीं होगा। बल्कि अब कॉलेज शिक्षकों को भी सैलरी के लिए इंतजार करना होगा, क्योंकि राज्य सरकार फंड का भुगतान देर से करती है और इससे कभी सैलरी वक्त पर नहीं मिलती। प्रो. सिंह ने कहा कि राज्य सरकार विश्वविद्यालय की स्वायत्तता पर हमला करने के लिए ऐसा कर रही है और शिक्षक इसका विरोध करते हैं।
पटना विवि में शिक्षकों और कर्मचारियों को सैलरी वक्त पर देने के लिए विवि प्रशासन इंटरनल रिसोर्स का इस्तेमाल करता रहा है और बाद में राज्य सरकार से फंड मिलने पर उसकी भरपाई हो जाती है। लेकिन अब राज्य सरकार के नए नियम से ऐसा नहीं होगा। बल्कि अब कॉलेज शिक्षकों को भी सैलरी के लिए इंतजार करना होगा, क्योंकि राज्य सरकार फंड का भुगतान देर से करती है और इससे कभी सैलरी वक्त पर नहीं मिलती। प्रो. सिंह ने कहा कि राज्य सरकार विश्वविद्यालय की स्वायत्तता पर हमला करने के लिए ऐसा कर रही है और शिक्षक इसका विरोध करते हैं।
Comments
Post a Comment