
नवादा। बिहार राज प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रखंड अध्यक्ष अजीत कुमार ने अनुकंपाधारी शिक्षकों को चयन मुक्त करने के आदेश की घोर ¨नदा की है। अध्यक्ष ने कहा है कि अनुकंपाधारी शिक्षक जो वर्ष 15 के बाद अनुकंपा पर नियुक्त हुए हैं, उन्हें चयन मुक्त करने के आदेश अनुचित है।
शिक्षा विभाग पर आपत्ति उठाते हुए कहा कि अनुकंपा पर नियुक्ति काफी पुरानी व्यवस्था है। परंतु अब शिक्षा विभाग वर्ष 2015 के बाद अनुकंपा पर नौकरी कर रहे शिक्षकों को चयन मुक्त करने की तैयारी में है, जो गलत है। प्रशिक्षित रहने पर ही आश्रितों को अनुकंपा का लाभ दिए जाने का नियम उचित नहीं है, क्योंकि कोई शिक्षक यह नहीं जानता है कि वह मरने वाले है। उन्हें अपने आश्रितों को प्रशिक्षित पहले करवा लेना चाहिए। संघ के अध्यक्ष ने विज्ञप्ति जारी कर बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री से यथाशीघ्र इस समस्या का निदान कराने की मांग की है। कहा है कि अनुकंपा आश्रितों का अधिकार होता है। राज्य सरकार उन्हें सेवामुक्त नहीं कर सकती है। इससे उनके अधिकार का हनन होगा। जरूरत पड़ी तो आंदोलन होगा और कोर्ट की शरण में भी शिक्षक जा सकते हैं।
शिक्षा विभाग पर आपत्ति उठाते हुए कहा कि अनुकंपा पर नियुक्ति काफी पुरानी व्यवस्था है। परंतु अब शिक्षा विभाग वर्ष 2015 के बाद अनुकंपा पर नौकरी कर रहे शिक्षकों को चयन मुक्त करने की तैयारी में है, जो गलत है। प्रशिक्षित रहने पर ही आश्रितों को अनुकंपा का लाभ दिए जाने का नियम उचित नहीं है, क्योंकि कोई शिक्षक यह नहीं जानता है कि वह मरने वाले है। उन्हें अपने आश्रितों को प्रशिक्षित पहले करवा लेना चाहिए। संघ के अध्यक्ष ने विज्ञप्ति जारी कर बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री से यथाशीघ्र इस समस्या का निदान कराने की मांग की है। कहा है कि अनुकंपा आश्रितों का अधिकार होता है। राज्य सरकार उन्हें सेवामुक्त नहीं कर सकती है। इससे उनके अधिकार का हनन होगा। जरूरत पड़ी तो आंदोलन होगा और कोर्ट की शरण में भी शिक्षक जा सकते हैं।
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